महिला सशक्तिकरण
भूमिका
मवई गांव में महिला सशक्तिकरण को केंद्र में रखकर आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि ग्रामीण चेतना और सहभागिता की दिशा में उठाया गया एक सशक्त कदम था। "मवई विकास संस्था" के प्रयास से यह पहल महिलाओं को न केवल जागरूक करने, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भरता की राह दिखाने का माध्यम बनी। इस कार्यक्रम के माध्यम से यह स्पष्ट हुआ कि यदि ग्रामीण महिलाएं योजनाओं की जानकारी और संसाधनों से जुड़ जाएं, तो वे अपने गांव के विकास की अग्रदूत बन सकती हैं। यह आयोजन मवई की बदलती सोच और उज्ज्वल भविष्य की ओर संकेत करता है।
मवई गांव में महिला सशक्तिकरण पर कार्यक्रम
मवई गांव दिल्ली से लगभग 140 किलोमीटर दूर, बुलंदशहर जिले की स्याना तहसील में स्थित है।यह गंगा के किनारे बसा है जो बुलंदशहर जिले की सीमा बनाती है। गंगा की दूसरी ओर अमरोहा जिला है। यहां 2500 से ज्यादा वोटर हैं। शिक्षा के मामले में पिछड़ा हुआ है क्योंकि गांव में लेदेकर एक सरकारी मिडिल स्कूल है। इसकी वजह से लड़कियों की शिक्षा काफी प्रभावित हुई है। गांव के वर्तमान प्रधान का नाम मास्टर चरण सिंह है। सरकारी योजनाओं का लाभ यहां सीमित मात्रा में पहुंचा है। इसका मुख्य कारण है सरकारी अधिकारियों के साथ-साथ ग्राम निवासियों की उदासीनता। गांव की मुख्य समस्या शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी है।
इन सब बातों को देखते हुए वर्ष 2022 में "मवई विकास संस्था" का गठन किया गया जिसकी अध्यक्षा हैं- डॉक्टर श्रीमती संगीता अंबावत। संस्था के प्रयास से गांव में अब तक 30 से ज्यादा मेडिकल और आंखों के इलाज के लिए कैंप लगाए गए हैं जिसका ग्राम वासियों ने लाभ उठाया है। प्रतिवर्ष सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए लेखन सामग्री का वितरण किया जाता है। संस्था की तरफ से गांव के सभी सरकारी स्कूलों को लैपटॉप प्रदान किया गया है।
संस्था द्वारा ग्राम विकास के प्रयास को आगे बढ़ाते हुए इस बार निर्णय लिया गया कि गांव में महिला सशक्तिकरण के लिए एक कार्यक्रम रखा जाए। इसका विषय रखा गया- "ग्राम विकास में महिलाओं की भागीदारी और सरकारी योजनाओं की जानकारी"। मवई और हसनगढ़ी गांव में बैनर लगाकर, पंफलेट बांटकर और माइक द्वारा प्रचार कर कार्यक्रम की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉक्टर महिपाल, IES, पूर्व डायरेक्टर, ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार को आमंत्रित किया गया। इनके अलावा श्री पदम खेड़ा, सामाजिक कार्यकर्ता एवं पंचायती मामलों की जानकार, तथा श्रीमती स्नेह लता गौतम, महिला कौशल विकास संस्था की अध्यक्षता और श्रीमती दुर्गेश चौहान को थे आमंत्रित किया गया। शुरू में महिलाओं की कम संख्या को देखकर थोड़ी निराशा हुई। समय के साथ-साथ यह संख्या बढ़ती गई और पूरा स्थान भर गया।
यहां के ग्राम देवता मांडू की तस्वीर के सामने दिया जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
श्रीमती स्नेह लता गौतम ने महिलाओं के कौशल विकास के लिए किया जा रहे कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि उनकी संस्था की ओर से मवई गांव में इस समय दो स्थानों पर यहां की युवतियों और महिलाओं को फैशन डिजाइनिंग के साथ-साथ ब्यूटी पार्लर की शिक्षा प्रदान की जा रही है। श्रीमती दुर्गेश चौहान ने बताया की सिलाई मशीन के अभाव में कठिनाई आ रही है और उन्हें सुई धागे का प्रयोग कर सिलने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
श्री पदम खेड़ा द्वारा पंचायती राज और उसके अंतर्गत चल रही विभिन्न योजनाओं की विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई। उन्होंने महिलाओं को प्रेरित किया कि वह आगे आए और अपने ग्राम विकास के लिए योगदान करें।
उसके बाद युवा शिवम अंबावत ने सरकारी योजनाओं की सिलसिलेवार विस्तृत जानकारी दी। वह गांव में 'ग्राहक सेवा केंद्र' चला कर ग्राम वासियों को गांव में ही विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं। उनके इस प्रयास को काफी सराहा गया।
मुख्य अतिथि के रूप में पधारे डॉक्टर महिपाल ने सिलसिलेवार जानकारी दी। उनकी प्रस्तुति सर्वश्रेष्ठ रही। "विकास" शब्द की परिभाषा देते हुए बताया कि जब अन्य क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है तो ग्राम विकास के लिए भी इसका बढ़ना जरूरी है। सरकार द्वारा महिलाओं के लिए बहुत सारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। एमजीनरेगा योजना का लाभ उठाते हुए ग्राम विकास किया जा सकता है। NRLM के अंतर्गत किस प्रकार महिलाएं अपने सैल्फ हैल्प (SHG) ग्रुप बनाकर छोटी-छोटी बचत को बढ़ावा देती हैं, आपस में सहयोग करती हैं और फिर बाद में उनका यह सहयोग बड़ा रूप लेता है। उन्होंने बताया कि किस प्रकार इन ग्रुप द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की बिक्री से बहुत सी दीदियां लखपति बन गई है। उन्होंने प्रत्येक योजना का विस्तार से वर्णन किया महिलाओं द्वारा प्रस्तुत जिज्ञासाओं एवं प्रश्नों का समाधान दिया। साथ ही प्रेरित किया कि अब आपके सामने अवसर है कुछ कर दिखाने का। उन्होंने आशा व्यक्त की की आज का यह कार्यक्रम इस गांव के लिए मील का एक पत्थर साबित होगा और यह गांव निरंतर तरक्की के मार्ग पर अग्रसर होगा। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि वह भविष्य में इस संस्था और गांव के साथ जुड़े रहेंगे और अपना मार्गदर्शन प्रदान करते रहेंगे।
इस अवसर पर श्री केपी सिंह द्वारा अपने संबोधन में अतिथियों का स्वागत करने के साथ-साथ जानकारी दी गई की सुकन्या योजना और कन्या शुभ मंगल योजना का हमें लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि यदि गांव के सब लोग मिलकर काम करेंगे तो कोई कारण नहीं है कि हम लोग आगे ना बढ़ पाए।
संस्था की अध्यक्षता श्रीमती डॉक्टर संगीता अंबावत ने संस्था के कार्यों का विवरण दिया और बताया की इस वर्ष सरकारी स्कूलों के लिए चार पंखे पहले ही दिये जा चुके हैं। इसके अलावा सात पंखे और लाए गए हैं जो वहां दे दिए जाएंगे ताकि बच्चों को गर्मी में कोई असुविधा न हो।
श्री सौपाल सिंह जी द्वारा दिया गया उद्बोधन अभूतपूर्व था। अपने रोज पूर्ण भाषण में उन्होंने ग्रामीणों को साधुवाद दिया और आशा व्यक्त की की हम अपने लक्ष को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करते रहेंगे। उन्होंने सभी आगंतुकों का धन्यवाद किया।
श्री जगदेव सिंह पूर्व प्रधान द्वारा मंच संचालन करते हुए इस वर्ष उत्तर प्रदेश पुलिस में सेलेक्ट हुए युवाओं को ट्रॉफी और मेडल प्रदान किये। सम्मेलन में बाहर से पधारे सभी अतिथियों को शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया।
सभा का समापन राष्ट्रीय गान से हुआ और उसके बाद सभी को भोजन के लिए आमंत्रित किया गया।
चित्रशाला










This program was excellent in these that it has been organised by villagers for their development.As usual official machinery was indifferent for such innovative programs. Organisers even wrote to DM , SDM and BDO for the program.Bo
जवाब देंहटाएंUt none them responded . It seems, inertia has become way of life
But such programs inspire
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