नेत्र जांच व दिव्यांगता जागरूकता शिविर का सफल आयोजन

भूमिका

"जीवन की अनुभूति"—एक सेवा, एक संवेदना

जीवन केवल साँसों का सिलसिला नहीं है, यह देखने, समझने, महसूस करने और दूसरों के दर्द में अपनेपन की तलाश का नाम है। जब किसी आँख में धुंध छा जाती है, या जब शरीर की सीमाएँ उसे समाज से काट देती हैं—तब कोई संवेदनशील हाथ, कोई स्नेहिल स्पर्श, कोई जागरूक पहल उन्हें फिर से जीवन की अनुभूति दे सकती है।

ऐसा ही एक प्रयास, एक मिशन बना यह निःशुल्क नेत्र जांच शिविर और दिव्यांगता जागरूकता शिविर, जहाँ इलाज केवल औषधियों से नहीं हुआ, बल्कि मुस्कुराहटों से, सहानुभूति से, और आत्मीयता की गहराई से हुआ।

यह शिविर मात्र स्वास्थ्य सेवा का आयोजन नहीं था, बल्कि यह एक जीवन दर्शन का उत्सव था—जहाँ आयोजकों ने रोगियों को यह अहसास दिलाया कि वे केवल "उपचारार्थी" नहीं, बल्कि इस समाज के सम्मानित और आवश्यक अंग हैं।

जब धुंधली दृष्टि को रोशनी मिली, तो सिर्फ आँखें नहीं, भविष्य भी स्पष्ट हुआ।

जब किसी दिव्यांग जन को सहयोग की भाषा मिली, तो वह एक उपेक्षित आवाज़ से उभरकर आत्मविश्वास की प्रतिध्वनि बन गया।

इस आयोजन में हर रोगी, हर आगंतुक एक अनुभव लेकर लौटा—कि जीवन अब भी सुंदर है, संभावनाओं से भरा है, और दूसरों की सेवा में ही स्वयं की संपूर्णता छिपी है।

आयोजकों ने न सिर्फ व्यवस्था की, बल्कि हर क्षण को संवेदनशीलता से सजा दिया। प्रत्येक नेत्र परीक्षण, प्रत्येक मार्गदर्शन, हर सहयोगी मुस्कान—सब कुछ जैसे यही कह रही थी—

"हम देख सकते हैं, इसलिए दूसरों के अंधकार में दीप बनें।

हम चल सकते हैं, इसलिए किसी की राह आसान करें।

हम समझ सकते हैं, इसलिए किसी के मौन में आवाज़ बनें।"

यह शिविर एक कर्म नहीं, एक करुणा थी। एक आयोजन नहीं, एक अनुभूति थी।

जीवन की पुनः अनुभूति।

विवरण

कृपा फाउंडेशन एवं डॉ. श्रॉफ आई हॉस्पिटल के संयुक्त प्रयास से 32 नागरिकों की जांच, 4 चिन्हित ऑपरेशन केस

सहारनपुर, 30 मई 2025 – कृपा फाउंडेशन, सहारनपुर द्वारा डॉ. श्रॉफ चैरिटेबल आई हॉस्पिटल, मनानी (सहारनपुर) के सहयोग से एक दिवसीय नेत्र जांच एवं दिव्यांगता जागरूकता शिविर का आयोजन कृपा फार्म, बहादरपुर में किया गया।



शिविर में कुल 32 नागरिकों ने नेत्र जांच कराई, जिनमें से 4 व्यक्तियों को मोतियाबिंद ऑपरेशन हेतु चयनित किया गया। शेष मरीजों में अधिकांश की समस्याएं चश्मे से संबंधित दृष्टिदोष की पाई गईं।



शिविर के अंतर्गत दिव्यांगता जागरूकता सत्र में तीन विशेष आवश्यकता वाले बच्चों ने संपर्क किया, जिन्हें विशेषज्ञों द्वारा फिजियोथेरेपी की सलाह दी गई। यह सेवा व्यापक स्तर पर संचालित की जाएगी ताकि बच्चों को दीर्घकालिक लाभ मिल सके।

कार्यक्रम का उद्घाटन श्री दीपक सिंह रावत, सीनियर अधिकारी – कम्युनिटी ऑपरेशन, ने किया। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा:

"नेत्र स्वास्थ्य की नियमित जांच अत्यंत आवश्यक है। आवश्यकता होने पर ऑपरेशन को टालना नहीं चाहिए। डॉ. श्रॉफ चैरिटेबल आई हॉस्पिटल में यह सुविधा नि:शुल्क उपलब्ध है।"

उन्होंने शिविर में उपस्थित विशेष बच्चों का मनोबल बढ़ाते हुए यह भी कहा:

"अगर मनोबल मजबूत हो, तो ये बच्चे अंतरराष्ट्रीय स्तर तक भी पहुँच सकते हैं।"

श्री युवराज सिंह, प्रोजेक्ट मैनेजर – डॉ. श्रॉफ आई हॉस्पिटल, ने जानकारी देते हुए कहा:

"हम 2014 से डॉ. महिपाल सिंह जी के साथ जुड़े हैं, और अब तक करीब 3,100 नेत्र ऑपरेशन सफलता पूर्वक संपन्न किए जा चुके हैं।"

शिविर में डॉ. महिपाल सिंह, अध्यक्ष – कृपा फाउंडेशन, ने श्री दीपक सिंह रावत का स्वागत करते हुए कहा:

"इस क्षेत्र की कम्युनिटी और डॉ. श्रॉफ हॉस्पिटल के बीच जो साझेदारी विकसित हुई है, वह स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक प्रेरक उदाहरण है।"

शिविर के समापन पर फार्म समन्वयक श्री सुशील कुमार ने सभी प्रतिभागियों एवं अतिथियों का आभार व्यक्त किया।


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