संकल्पबद्ध सफलता
परिचय
मेरठ जनपद की मवाना तहसील के छोटे से गांव मीरपुर के संपन्न परिवार के मुखिया श्री दल सिंह जी ने दुनियादारी को देख और समझ कुछ स्वनिर्णय लिए थे। जिसमें प्रमुख थे- शिक्षा, पारिवारिक एकता तथा समर्पित भाव से कार्य में संलग्न होने की प्रकृति। उनको समस्त परिजनों ने समझा और ग्रहण किया। फलत: कार्य में प्रगति हुई और वैचारिक क्षमता बढ़ने के साथ-साथ चयन क्षमता में परिष्कृति भी बुद्धिमता बढ़ने के साथ साथ हुई। रिश्तेदारियों के लिए तय बिंदुओं के अनुरूप चयन किए गए तो अव्वल दर्जे की रिश्तेदारियां भी मिलीं। उन रिश्तेदारियों से समझ आने लगी और अगली पीढ़ियां अपने अपने रास्ते बनाने लगीं तथा परंपरागत कृषि कार्य से विलग सेवा क्षेत्र को वरीयता दी जाने लगी। इस बदलाव के दौर में भी परिजनों ने जीवन मूल्यों से समझौता नहीं किया और श्री दल सिंह जी के सम्मान को बनाए रखते हुए उनको बनाए रखा। आज उन्हीं की तीसरी पीढ़ी के हर्ष, जिनका SSC-CGL में चयन हुआ है, तथा आंचल, जो नेट क्वालीफाई करके एन सी ई आर टी में चयनित हुई हैं। विशेष बात यह है कि तीसरी पीढ़ी भी श्री दल सिंह जी के प्रति कृतज्ञता भाव रखे है। तो आइए आज इन बालकों से ही इनके मन के भाव लेते हैं। पहले मिलते हैं केंद्रीय सेवा में चयनित बालक हर्ष से और फिर परिवार की ही बालिका आंचल से भी।
सफलता से हर्षित परिजनों के उल्लास का सांकेतिक दृश्यचयनित बालक हर्ष से बातचीत
प्रश्न १. हर्ष, सरकारी सेवा क्षेत्र में जाने की प्रेरणा आपको कैसे मिली? स्वयं ही या किसी से प्रेरित होकर?
उत्तर - "जब मैं पाँचवीं या छठी कक्षा में था, तभी मेरे भीतर समाज सेवा की ओर एक सहज प्रेरणा जागी थी। उस उम्र में ही मैंने पहली बार यह अनुभव किया कि मैं कुछ ऐसा करना चाहता हूँ जिससे लोगों की भलाई हो। इसका प्रमुख कारण मेरे फूफाजी थे, जो आयकर विभाग में कार्यरत थे। उन्हें जिम्मेदारी और ईमानदारी से काम करते हुए देखकर मेरे मन में एक नई जागरूकता उत्पन्न हुई।
समय के साथ यह भावना और प्रबल होती गई। जब मेरी बहन की शादी हुई, तो मेरे जीजाजी भी आयकर विभाग में इंस्पेक्टर के पद पर थे। उनके कार्य और व्यवहार ने मुझे और अधिक प्रेरित किया, और सेवा के क्षेत्र में कुछ सार्थक करने की मेरी इच्छा और मजबूत हो गई।"
प्रश्न 2. क्या जिस सेवा में जाने था मिला उसी में आपका जाने का मन था?
उत्तर - "हाँजी, बिल्कुल इससे बेहतर क्या हो सकता है। प्रत्येक सरकारी विभाग में एक ऐसा विभाग होता है जहाँ से आप संपर्क में रहकर यह जान सकते हो कि सरकार अपनी नीतियाँ कैसे बनाती है? साथ ही साथ नीतियों को बनाने में अपना योगदान भी दे सकते हैं। यह एक ऐसा क्षेत्र है जहाँ कोई भी कर्मचारी स्वविकास के साथ साथ देश के बेहतर विकास तथा राष्ट्र निर्माण में सहयोगी बन सकता है।"
प्रश्न 3. भविष्य के लिए दिमाग में क्या योजना है?
उत्तर - "फिलहाल तो मैं इसी स्तर पर अपना योगदान देना चाहता हूँ।
और! रही बात भविष्य की योजना की तो मैं शांत रहकर चिंतन मनन कर अपनी योजबाएं बनाने में विश्वास रखता हूँ। वैसे भी वो एक इंगलिश की कहावत है ना
"Action is better than words."
प्रश्न ५. अपनी इस सफलता का श्रेय आप किसे दोगे और विद्यार्थियों के लिए आप उनका करियर निर्मित करने के लिए क्या सलाह दोगे?
उत्तर - "सबसे पहले तो बाबाजी स्व० श्री तिमराज सिंह जी को क्योंकि यह उनकी तमन्ना थी। वो बहुत दिल से चाहते थे कि हम में से कोई सरकारी विभाग में जाए तथा उनका और अपना नाम रोशन करे। जब गाँव-देहात से किसी का भी शासकीय सेवा में चयनित होता था तो तब वो अक्सर कहा करते थे कि क्या हम में से भी कोई सरकारी विभाग से चयनित होग। और! दूसरा श्रेय भाईसाहब को जो इस पूरी जर्नी में मुझे नैतिक साहस देते रहे।"
केंद्रीय सेवा में चयनित परिवार की बालिका
इसी परिवार की बालिका आंचल ने जून 2024 में यूजीसी नेट (नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट, शिक्षा) 92.85 परसेंटाइल से क्वालिफाई किया। इससे पूर्व आंचल ने नोएडा स्थित जे०पी० हॉस्पिटल में डायटिशियन का कार्य भी किया लेकिन मन-मस्तिष्क में बाबा जी श्री तिमराज सिंह के शब्द गूंजते रहते थे सो एम-एड. करके उसी दौरान नेट क्वालीफाई किया। साथ में
केन्द्र की सेंट्रल फूड सेफ्टी ऑफिसर (CFSO) जो FSSAI का पद है तथा DSSSB की तैयारी भी जारी रही।
नेट क्वालिफाई करने के उपरांत बच्ची को एनसीईआरटी में नियुक्ति मिल गई डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर फॉर नॉलेज शेयरिंग, दीक्षा प्रोजेक्ट में। यह मूलतः भारत सरकार का एक डिजिटल प्लेटफार्म है जो शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत आता है। इसके अंतर्गत शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों को डिजिटल मंच दिया जाता है। बालिका का ध्येय शिक्षा के क्षेत्र में ही आगे बढ़ने का है।
बालिका ने अपनी इस सफलता का श्रेय दादा तिमराज सिंह व दादी शकुन्तला को तथा अभिभावकों विनोद-इमलेश को दिया। बालिका अपनी अभी तक विकासित क्षमताओं से संतुष्ट है लेकिन शिक्षा के क्षेत्र में शोध कर आगे बढ़ने की आकांक्षी है।
सूचना स्रोत
श्री अशोक कुमार एड. और
श्री विनोद कुमार
प्रस्तुति
उलझन सुलझन

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