एक नजरिया, अद्भुत गाँव कल्याणपुरा कुर्मियान

राजस्थान के टोंक जनपद की ग्राम पंचायत गणेती का एक आदर्श गांव है शिक्षित, स्वच्छ, स्वस्थ, आत्मनिर्भर, संवेदनशील कल्याणपुरा कुर्मियान। यह गांव ब्लाक से दस किलोमीटर पूर्व की ओर बसा हुआ है। इस गांव में ज्यादातर पाटीदार परिवार, कुछ परिवार माली, कुम्हार, ब्राह्मण, जांगिड़, रेगर, गुर्जर समुदाय के भी है। गांव के बीच में गोपाल महाराज का मन्दिर स्थित है। पहले गांव में फ्लोराइड पानी था लेकिन पीने का मीठा पानी बिसलपुर लाइन से जुड़ चुका।

    शिक्षण में करियर बनाने वाली इंद्रा जी
गांव का शैक्षिक वातावरण बहुत अच्छा है। अधिकतर परिवार यहां से पास के शहरों में पलायन कर चुके हैं। फिर भी शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणीय है। ज्यादातर शिक्षक समुदाय, कुछ डाक्टर,नायब तहसीलदार, पटवारी, चतुर्थ श्रेणी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, नर्सिंग अधिकारी आदि पदों पर सेवाएं दे रहे हैं। इनमें से सेवानिवृत्त भी हो चुके हैं। श्री  हीरालाल पाटीदार, हरिशंकर पाटीदार, वेदप्रकाश पाटीदार आदि जो समाज के लिए प्रेरणा स्रोत है। जयपुर में जीवन रेखा अस्पताल में डॉक्टर सूर्य प्रकाश पाटीदार, प्रेमप्रकाश पाटीदार एवं उनका परिवार सेवा दे रहे हैं। इन्दौर में भी डा. प्रदीप पाटीदार सेवा दे रहे हैं।

शिक्षा के साथ साथ स्वच्छता के मामले में नम्बर एक है। प्रातः काल एवं सायंकाल महिलाओं द्वारा नियमित साफ सफाई की जाती है। आपको सड़क पर कहीं गन्दगी नजर नहीं आयेगी। लोगों का सबसे पहले ध्यान स्वच्छता पर जाता है। प्लास्टिक पोलीथीन का उपयोग भी गांव में कम किया जाता है। घरों के बाहर महिलाओं द्वारा त्योहार एवं सामाजिक कार्य के दौरान  आकर्षक, सुन्दर मांड़ने बनाये जाते हैं। जो परम्परागत संस्कृति का प्रतीक है। श्री ओमप्रकाश पाटीदार, पर्यावरणविद् ने बताया कि आने वाले समय में प्रत्येक घर के बाहर एक पौधा लगाकर गांव को हरा-भरा बनाया जायेगा। ताकि सबको शुद्ध हवा मिल सके। घनश्याम पाटीदार, वार्ड पंच के प्रयास से शमशान क्षेत्र को हरा-भरा किया जा रहा है। बनवारी पाटीदार के सराहनीय प्रयास से बेजूबान पक्षियों के लिए भीषण गर्मी में पेड़ों पर प्रतिवर्ष पानी के परिण्डे बांधे जाते हैं। साथ ही चुग्गा की व्यवस्था की जाती है। इस कार्य में युवाओं को जागरूक किया जा रहा है।

किसान नेता घासीलाल पाटीदार ने बताया कि लोगों का मुख्य व्यवसाय खेती है। यह गांव बिसलपुर नहर से जूड़ा हुआ है।जो सिंचाई का मुख्य साधन है। यहां की जमीन बहुत उपजाऊ है। जिसमें रबी एवं खरीफ की फसलें बोई जाती है। मुख्य फसलों में मक्का,ज्वार, बाजरा, सरसों,चणा , गेहूं आदि है। जमीन कम होते हुए भी किसानों द्वारा नवीन तकनीक का इस्तेमाल कर अधिक पैदावार ली जाती है। युवा किसान कृष्ण कुमार पाटीदार बताते हैं कि सरसों एवं चणा के पैदावार के मामले में एक नम्बर गांव है। यहां की सरसों की लेब आसपास के गांवों से अधिक आती है।यह बात मण्डी व्यापारी श्री गिरिनार झंडा, टोडा रायसिंह ने बतायी।

समाजसेवी श्री राजेन्द्र प्रसाद पाटीदार ने बताया कि गांव का माहौल शांतिपूर्ण रहता है। लड़ाई झगडे न के बराबर होते हैं। फिर भी यदि कोई लड़ाई झगडे हो जातें हैं तो आपसी समझाईश से हल कर लिए जाते हैं। 

गांव में गरीब परिवारों के प्रधानमंत्री आवास बन रहें हैं। अधिकतर लोग शौचालय का उपयोग करते हैं। गांव में 04 सार्वजनिक नल लगें हुए हैं। घर घर नल योजना के तहत घरों में कनेक्शन किया जायेगा। ताकि पानी की समस्या से निजात मिल सके।

ये था आदर्श गांव कल्याणपुरा कुर्मियान जो आसपास के गांवों के लिए प्रेरणादायी है। जब आसपास के लोग गांव में आते हैं तो साफ सफाई की सराहना करते हैं। इसके साथ ही शिक्षा का सिरमौर गांव रहा है कल्याणपुरा कुर्मियान। आज भी इस गांव में जागरुक नागरिक परमेश्वर पाटीदार,राम प्रसाद शर्मा, कैलाश पाटीदार, पुरुषोत्तम पाटीदार, मुकेश कुमार, कमलेश पाटीदार,राममुर्ति पाटीदार, अनिल कुमार पाटीदार,प्रहलाद माली,भंवर लाल, गंगा विष्णु कुम्हार, रामफूल, प्रहलाद कुम्हार, बद्री लाल खाती, मोहन लाल आदि मौजूद हैं। युवा महिलाएं भी किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है। श्री मती हंसा पाटीदार, सुनिता पाटीदार, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, विमला शर्मा, ममता, सुजाता पाटीदार, राजकन्या पाटीदार, दिव्या पाटीदार, मधुबाला, महिमा पाटीदार आदि जागरुक महिलाएं हैं।

सूचना स्रोत

श्री शिवराज जी कुर्मी

प्रस्तुति 




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