एक सम्मानित प्रतिभा हैं रेखा जैन जी

✦ भूमिका

रेखा जैन, अजमेर की एक जानी-मानी मीडिया हस्ती हैं, जो पिछले दस वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। "खबर फास्ट" के नेशनल चैनल में अजमेर संवाददाता और "दैनिक मरूप्रहार" से जुड़कर उन्होंने समाज की नब्ज को अपनी लेखनी और रिपोर्टिंग से छुआ है। एम.कॉम. और बी.जे.एम.सी. की शिक्षा प्राप्त कर वे पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर नई ऊँचाइयाँ छू रही हैं। पत्रकारिता के साथ-साथ वे सहज योग मेडिटेशन  जनता  के  बीच  सिखाने  जाती  हैं और समाज में आंतरिक शांति व आत्मबल का संदेश देती हैं। संगीत, ग़ज़ल लेखन, तैराकी और आर्टिकल लिखने में उनकी गहरी रुचि है। विभिन्न पुरस्कारों से सम्मानित रेखा जैन न सिर्फ़ एक संवेदनशील पत्रकार हैं, बल्कि आत्मनिर्भर महिला के प्रेरणादायक उदाहरण भी हैं।


✦ प्रश्नोत्तर साक्षात्कार

प्रश्न 1. रेखा जी, सबसे पहले जानना चाहेंगे कि पत्रकारिता की ओर आपका रुझान कैसे बना?

उत्तर: मुझे बचपन से ही समाज और लोगों की समस्याओं को समझने और उन्हें सामने लाने का शौक था और कुछ अलग करने का ख्वाहिश था। पढ़ाई के दौरान मैंने तय किया कि मुझे ऐसा क्षेत्र चुनना है, जहाँ जनहित की आवाज़ बन सकूँ। इसीलिए मैंने बी.जे.एम.सी. किया और मीडिया से जुड़ गई।

प्रश्न 2. दस वर्षों की पत्रकारिता यात्रा में आपके लिए सबसे बड़ा अनुभव क्या रहा?

उत्तर: पत्रकारिता ने मुझे संवेदनशील बनाया। मैंने जाना कि समाज के हर वर्ग की कहानी मायने रखती है। चाहे वह गाँव की महिला की समस्या हो या किसी प्रतिभाशाली युवा का संघर्ष—इनको मंच देना ही असली पत्रकारिता है।

प्रश्न 3. आपने सहज योग मेडिटेशन को भी जीवन का हिस्सा बनाया है, यह आपके लिए क्यों महत्वपूर्ण है?

उत्तर: पत्रकारिता का काम तनावपूर्ण होता है।   सहज योग से मुझे आत्मशांति और संतुलन मिला जीवन को नई दिशा मिली। इसे मैं दूसरों को भी सिखाती हूँ ताकि वे भी मानसिक व शारीरिक रूप से सशक्त हो सकें।

प्रश्न 4. आपको कई मंचों से सम्मान मिला है। आपके लिए सबसे यादगार सम्मान कौन-सा रहा?

उत्तर: सभी पुरस्कार प्रेरणादायक रहे, परंतु 26 जनवरी को जिला परिषद में मिला सम्मान मेरे लिए बेहद खास है, क्योंकि यह समाज के बीच किए गए कार्य की सच्ची पहचान थी।

प्रश्न 5. संगीत और ग़ज़ल आपकी रुचि का हिस्सा हैं। पत्रकारिता और कला को आप किस तरह जोड़ती हैं?

उत्तर: दोनों ही भावनाओं की अभिव्यक्ति हैं। पत्रकारिता सच्चाई को आवाज़ देती है और ग़ज़ल या संगीत दिल की गहराइयों को। दोनों मेरे जीवन को संतुलित करते हैं।

प्रश्न 6. महिला पत्रकार के रूप में आपने कौन-सी चुनौतियों का सामना किया?

उत्तर: चुनौतियाँ कई रहीं—कभी देर रात रिपोर्टिंग करनी हो, कभी सामाजिक पूर्वाग्रह झेलने पड़े। लेकिन आत्मविश्वास और परिवार के सहयोग से मैंने हर कठिनाई को अवसर में बदला।

प्रश्न 7. आत्मनिर्भर महिला सम्मान प्राप्त करने के बाद आपकी सोच में क्या बदलाव आया?

उत्तर: इस सम्मान ने मुझे और अधिक जिम्मेदार बनाया। अब मैं चाहती हूँ कि अपने अनुभवों से अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करूँ।

प्रश्न 8. अजमेर लेखिका मंच की मीडिया प्रभारी के रूप में आपका योगदान क्या रहा?

उत्तर: लेखिका मंच से जुड़कर मैंने महिलाओं की साहित्यिक प्रतिभा को मीडिया के जरिए उजागर करने का प्रयास किया। यह मेरे लिए गौरव की बात है कि मैं साहित्य और मीडिया को जोड़ सकी।

प्रश्न 9. आज की पत्रकारिता में आपको सबसे बड़ी कमी क्या लगती है?

उत्तर: आज समाचारों में कहीं-कहीं TRP और सनसनी को ज्यादा महत्व मिल रहा है। मेरा मानना है कि पत्रकारिता का मूल उद्देश्य जनहित और सच्चाई को सामने रखना होना चाहिए।

प्रश्न 10. युवा पत्रकारों के लिए आप क्या संदेश देना चाहेंगी?

उत्तर: ईमानदारी, संवेदनशीलता और शोधपरक दृष्टिकोण बनाए रखें। पत्रकारिता सिर्फ़ पेशा नहीं, बल्कि समाज सेवा है। अगर युवा इसे जिम्मेदारी से निभाएँ तो समाज में बड़ा बदलाव ला सकते हैं।

👉 इस तरह यह साक्षात्कार रेखा जैन जी के विविध व्यक्तित्व—पत्रकार,  योग प्रचारक, संगीत-प्रेमी और समाजसेवी— का संतुलित रूप सामने लाता है।

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