डॉ. अशोक कुमार चौधरी का विशेष आत्मकथ्य
मैं, डॉ. अशोक कुमार चौधरी, एक पार्टी कार्यकर्ता के रूप में उस ऐतिहासिक अवसर का साक्षी बना, जब रैपिड रेल के शुभारम्भ के मंच से क्रांतिधरा मेरठ की गौरवगाथा का स्मरण किया गया। उस क्षण मेरे भीतर केवल विकास की खुशी ही नहीं, बल्कि इतिहास के प्रति गहरी श्रद्धा का भाव भी जागृत हुआ। माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के उद्बोधन ने मुझे यह अनुभूति कराई कि मेरठ मात्र एक नगर नहीं, बल्कि भारत की स्वतंत्रता चेतना की वह पवित्र भूमि है, जिसने प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के प्रखर शंखनाद को जन्म दिया।
जब उन्होंने धन सिंह गुर्जर, राव कदम सिंह, शाहमल और मातादीन बाल्मीकि जैसे महान क्रांतिकारियों का उल्लेख किया, तब मुझे लगा मानो इतिहास स्वयं हमारे सामने जीवंत हो उठा हो। इन वीरों के साहस, नेतृत्व और त्याग ने न केवल मेरठ बल्कि सम्पूर्ण राष्ट्र को ब्रिटिश शासन के विरुद्ध खड़े होने की प्रेरणा दी। एक कार्यकर्ता होने के नाते मेरे लिए यह गर्व का विषय है कि मैं ऐसी भूमि से जुड़े विचारों और आदर्शों को आगे बढ़ाने वाली विचारधारा का हिस्सा हूँ, जहाँ विकास और विरासत साथ-साथ चलने की परंपरा है।
मेरे आत्ममन में यह भावना और भी दृढ़ हुई कि आधुनिक परियोजनाएँ, जैसे रैपिड रेल, केवल सुविधाओं का विस्तार नहीं हैं, बल्कि उस ऐतिहासिक चेतना का सम्मान भी हैं, जिसने देश को स्वतंत्रता का मार्ग दिखाया। मेरठ की यह धरती आज भी प्रेरणा का स्रोत है, और एक कार्यकर्ता के रूप में मेरा कर्तव्य है कि मैं इस ऐतिहासिक गौरव, राष्ट्रभक्ति और विकास के संदेश को जन-जन तक पहुँचाऊँ, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ अपने इतिहास को समझते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
आत्मकथ्य
डॉ अशोक कुमार चौधरी
पाठ्य उन्नयन और विस्तार व प्रस्तुति
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